Mehandipur Balaji अजीबो-गरीब रहस्य जो आपको अभी तक नहीं है पता

Mehandipur Balaji अजीबो-गरीब रहस्य जो आपको अभी तक नहीं है पता

हर मंदिर की एक गाथा और अपना एक अलग रहस्य होता है ! 21 वी सदी में आज हिन्दुस्थान में ऐसे मंदिर है जो रहस्यों से भरे पड़े है ! इसी कड़ी में एक प्रचलित मंदिर श्री बालाजी धाम मेहंदीपुर भी है ( Mehandipur Balaji ) ! यह मंदिर राजस्थान के दौसा जिले में स्थित है ! इस मंदिर परिसर में आपको कई ऐसे ऐसे नज़ारे देखने को मिल जायेंगे ! जो आपने कभी नही देखे ! विज्ञानं कभी भूत प्रेत को नहीं मानता लेकिन यहाँ दूर दराज से लोग भूत प्रेत के इलाज के लिए आते है ! और सही होकर भी जाते है !

इसे जरुर देंखे

बालाजी धाम मेहंदीपुर में घर बैठे इच्छा शक्ति अनुसार प्रसाद भेट करे

2 बजे खुलता है दरबार

भूत प्रेत से छुटकारा पाने वाले लोगो का यहाँ आना जाना हमेशा ही लगा रहता है ! Mehandipur Balaji मंदिर में प्रेतराज सरकार और भैरव बाबा यानी कोतवाल के राजा की मूर्ती है ! हर दिन 2 बजे प्रेतराज के दरवार में पेशी होती है ! जिसे मंदिर की भासा में कीर्तन बोला जाता है ! इसी कीर्तन में लोगो के उपरी साहे का इलाज किया जाता है !

Mehandipur Balaji का प्रसाद भी घर नहीं लेजा सकते

बताया जाता है की श्री बालाजी धाम मेहंदीपुर के प्रसाद को आप घर नहीं लेजा सकते ! और ना ही आप खा सकते हो ! और तो और आप यहाँ से कोई भी खाने पीने की चीज या सुगन्धित चीज आप घर नहीं लेजा सकते ! क्योकि बताया जाता है की ऐसा करने से उपरी साया आपके उपर आजाता है !

हनुमान मूर्ती के बाई छाती में है छेद

shree balaji Dham

श्री बालाजी मूर्ती के बाई छाती में एक छोटा सा छेद है ! जिसमे होकर लगातार जल बहता रहता है ! बताया जाता है की यह श्री बालाजी का पसीना है ! यहाँ श्री बालाजी को लड्डू का प्रसाद और प्रेतराज को चावल का प्रसाद और भैरव बाबा को उड़द का प्रसाद चढ़ाया जाता है ! यहाँ कई बार ऐसा भी देखा गया है की जिनके अंदर भूत प्रेत की शक्तिया होती है वो प्रसाद खाने के बाद अजीबो गरीबो हरकत करते है !

भक्तो को करना पड़ता है नियमो का पालन

Mehandipur Balaji की मूर्ती के ठीक सामने भगवान श्री राम – सीता की मूर्ती विराजमान है ! बताया जाता है श्री हनुमान माँ सीता और भगवान राम के दर्शन करते रहते है ! यहाँ श्री हनुमान जी को बालक रूप में दरसाया गया है ! यहाँ आने वाले भक्तो को कठोर नियम से गुजरना पड़ता है जिसमे मुख्य रूप से कोई भी भक्त एक सप्ताह तक शराब अंडे और प्याज लहसुन मांस के सेवन से दूर रहता है !

2 प्रकार का होता है प्रसाद

दुनिया के बाकि मंदिरों से थोडा अलग प्रकार का प्रसाद mehandipur balaji dham में चढ़ाया जाता है ! यहाँ प्रसाद को 2 कैटिगिरी में विभाजित किया गया है ! ( 1 ) दर्खावस्त ( 2 ) अर्जी , दर्खावस्त को मंदिर में हाजरी भी बोलते है ! हाजरी में 2 बार प्रसाद चढ़ाया जाता है और अर्जी में 3 बार प्रसाद चढ़ाया जाता है ! मंदिर में दर्खावस्त लगाने के बाद वहा से तुरंत बहार आने का भी नियम है ! अर्जी का प्रसाद घर जाते समय लेते है जिन्हें आपको अपने पीछे भेंकना पड़ता है ! प्रसाद भेंकते समय पीछे मुड़कर नहीं देखा जाता है !

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